नई दिल्ली : PM मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में लद्दाख मसले पर बात की। उन्होंने कहा कि भारत की जमीन पर आंख उठाकर देखनेवालों को करारा जवाब मिला है। पीएम मोदी ने यह भी कहा कि संकट आने की वजह से पूरे साल को खराब मानना ठीक नहीं है। पीएम ने कार्यक्रम में मॉनसून और कोरोना संकट पर भी बात की। साथ ही आत्मनिर्भर बनने पर भी जोर दिया।

लद्दाख में भारत-चीन झड़प पर बात करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि भारत की भूमि पर आंख उठाकर देखने वालों को करारा जवाब मिला। मोदी ने कहा, ‘भारत, मित्रता निभाना जानता है, तो, आँख-में-आँख डालकर देखना और उचित जवाब देना भी जानता है।’ मोदी बोले कि शहीद हुए 20 जवानों ने दिखाया कि वे मां भारती पर कभी आंच नहीं आने देंगे।

मोदी ने कहा कि लोग अकसर बोलते दिखे कि ये साल कब बीतेगा। फोन पर लोग यही बात करते हैं कि साल कब बीतेगा। लोग कह रहे साल अच्छा नहीं, यह शुभ नहीं। लोग चाहते हैं कि यह साल जल्द बीत जाए। मोदी ने कहा कि इस साल देश ने कोरोना संकट देखा। उस बीच अम्फान, निसर्ग तूफान भी आए। फिर टिड्डी दल और भूकंप के इतने झटके। इस बीच पड़ोसी देशों से तनातनी भी हुई। लेकिन इस सब के बावजूद साल को खराब कहना ठीक नहीं। मोदी बोले कि मुश्किलें आती हैं, संकट आते हैं लेकिन आपदाओं की वजह से साल को खराब मानना ठीक नहीं। यह सोच लेना कि पूरा साल ही ऐसा है ठीक नहीं। एक साल में एक चुनौती या 50 चुनौती उससे साल खराब नहीं होता।

-मोदी ने आगे देशवासियों को आत्मनिर्भर बनने की सलाह दी। कहा कि यह सैनिकों की मदद होगी। मोदी ने कहा कि ऐसे कई लोगों के संदेश उन्हें मिलते हैं कि वे लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं।

-बिहार के रहने वाले शहीद कुंदन कुमार के पिताजी के शब्द तो कानों में गूँज रहे हैं। वो कह रहे थे, अपने पोतों को भी, देश की रक्षा के लिए, सेना में भेजूंगा। यही हौंसला हर शहीद के परिवार का है। वास्तव में, इन परिजनों का त्याग पूजनीय है।

-पीएम मोदी मे आगे कहा कि कोरोना संकट काल में देश लॉकडाउन से बाहर निकल आया है। अनलॉक में कोरोना को हराना और अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर देना है। मोदी ने मास्क पहनने, दो गज की दूरी का पालन करने को कहा।

-मोदी ने स्पेस सेक्टर के सुधार का जिक्र किया। कहा कि इससे आत्मनिर्भर भारत के अभियान को तेजी मिलेगी।

-मोदी ने हर घर के बच्चों से गुजारिश की। जब टाइम मिले तो घर के बुजुर्गों का वीडियो इंटरव्यू करें। उनसे पूछे कि बचपन में क्या खेलते थे, छुट्टियों में क्या करते थे। त्योहार कैसे मनाते थे। बुजुर्ग भी इससे खुश होंगे। 40-50 साल पहले क्या होता था, भारत कैसा था बच्चों को भी जानने को मिलेगा।

-मॉनसून पर बोले मोदी कि इसबार बारिश अच्छी होने की उम्मीद है। इसके बाद मोदी ने 80-85 साल के कामेगौड़ा का जिक्र किया। उन्होंने जानवरों को चराते हैं लेकिन अपने इलाके में नए तालाब बनाने का काम करते हैं।

-मोदी ने कहा कि गणेश चतुर्थी पर इको-फ्रैंडली मूर्ति बनाने की कोशिश होनी चाहिए जिससे वह नदी में संकट पैदा न करें।

-पूर्व पीएम पीवी नरसिम्हा को याद किया। कहा कि वह अनेक भाषओं को जानते थे। जो भारत के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक थे। वह 17 की उम्र से ही अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे।





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