दिल्ली।  गुरुग्राम किडनी कांड में शामिल रहे अलीगढ़ के डॉ. देवेंद्र शर्मा(62 वर्षीय) को दिल्‍ली में गिरफ्तार कर लिया गया है। उसने वर्ष 2002 से 2004 के बीच दिल्ली, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान में सौ से अधिक टैक्सी चालकों की हत्या की। शवों को अलीगढ़ मंडल के जिला कासगंज की हजारा कैनाल में फेंक देता था। इस हरकत से उसकी पत्नी और बच्चों ने वर्ष 2004 में ही उसे छोड़ दिया था। हत्यारे ने दावा किया कि उसने 100 से ज्यादा ट्रक ड्राइवरों और टैक्सी चालकों की हत्या की है। जानकारी मिली है कि डॉक्टर का कई राज्यों में फैले किडनी रैकेट से भी जुड़ा था। वह करीब 125 लोगों की किडनी अवैध रूप से निकालकर ट्रांसप्लांट कर चुका है। राजस्थान की जयपुर पुलिस को इसकी पैरोल जंपिंग मामले में तलाश थी।

विधवा से शादी कर छुपा था

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हत्यारा यहां एक विधवा से शादी कर यहां छिपकर रह रहा था। दिल्ली पुलिस ने जयपुर पुलिस सें संपर्क साधा और इसके बारे में जानकारी ली तो उसने सच उगल दिया। जयपुर पुलिस को इसकी सूचना दे दी गई है। जानकारी मिली है कि दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच के डीसीपी राकेश पावेरिया ने बताया कि सूचना मिली कि सीरियल किलर और हत्या के एक मामले में ताउम्र सजायाफ्ता देवेंद्र शर्मा जयपुर की सेंट्रल जेल से जनवरी में 20 दिन के पैरोल पर बाहर आने के बाद से फरार है और दिल्ली में छुपा हुआ है। उसे दिल्ली के बपरोला की गली नंबर दस के एक मकान से गिरफ्तार कर लिया गया है।

दरअसल बता दे कि, वह कार और ट्रक ड्राइवरों की हत्या कर उनके शव को कासगंज स्थित हजारा नहर में मगरमच्छों के लिए फेंक देता था ताकि कोई सुबूत न मिले। गाड़ियों को कासगंज में बेच देता था।

किडनी गिरोह में ऐेसे हुआ शामिल1994 में भारी नुकसान के बाद वह जयपुर, बल्लभगढ़, गुरुग्राम और अन्य जगह चल रहे अंतरराज्यीय किडनी प्रत्यारोपण गिरोह में शामिल हो गया। उसे गुरुग्राम में डॉ. अमित द्वारा संचालित अनमोल नर्सिंग होम में किडनी रैकेट मामले में वर्ष 2004 में गिरफ्तार किया गया। 1994 से 2004 तक वह अवैध रूप से किए गए 125 से अधिक किडनी प्रत्यारोपण के लिए उसने किडनी देने वाले लोगों की व्यवस्था की। एक प्रत्यारोपण में उसे 5-7 लाख रुपये मिलते थे। इसी दौरान वह जयपुर गया और 2003 तक अपना क्लिनि





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