किच्छा: लद्दाख सीमा पर शहीद हुए देव बहादुर के परिवार को सरकार 10 लाख की आर्थिक मदद और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देगी। शहीद की अंतिम विदाई में पहुंचे कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्या ने परिजनों को 10 लाखा रुपये देने की धोषणा की। उन्होंने कहा कि सरकार शहीद के परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने कहा कि आर्थिक मदद के साथ ही सरकार परिवार के एक सदस्य को सरकारी नोकरी देगी। इस दौरान विधायक राजेश शुक्ला भी मौजूद रहे।

लद्दाख में शहीद हुए देव बहादुर का पार्थिव शरीर बुधवार की सुबह सेना के वाहन से उनके पहुंचाया गया। इस दौरान युवाओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। युवाओं में चीन और पाकिस्तान के खिलाफ खासा गुस्सा दिखाई दिया। जैसे ही शहीद देव बहादुर का शव उनके घर पहुंचा। उनके परिवारजन अपने आंसू रोक न सके। यह मंजर देख हर किसी की आंख नम हो गई। युवा तिरंगे के साथ जब तक सूरज चांद रहेगा, देव तेरा नाम रहेगा, दिल दिया है जान भी देंगे ऐ वतन तेरे नारे लगाते हुए आगे-आगे चल रहे थे। ऐसा लग रहा था मानों पूरा हुजूम ही सड़क पर उतर आया होगा। हर तरफ बस तिरंगा ही तिरंगा नजर आ रहा था। भारत माता के जयकारों और वंदेमातरम के उद्घोष से अआसमान गूंज उठा।





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