पिथौरागढ़ : आसमानी आफत थमने का नाम नहीं ले रही है. पिथौरागढ़ जिले में कुदरत लगातार कहर बरपा रही है. नदी के उफान पर आने से बंगापानी तहसील के लुम्ती गांव में बच्चे और महिलाएं फंस गई. इसजी जानकारी राहत-बचाव में जुटे सेना के जवानों को दी गई. जवान महिला और बच्चों के लिए देवदूत साबित हुए। जवानों ने उफनती नदी के आरपार तार बांधकर प्लास्टिक के ड्रमों के भीतर बिठाकर उनको सुरक्षित निकाल लिया। मामला गुरुवार का है। पिथौरागढ़ और बागेश्वर में बारिश ने पिछले करीब एक सप्ताह से लोगों की नींद उड़ाई हुई है। पिथौरागढ़ जिले में 40, बागेश्वर में 17 और चंपावत में सात सड़कें बंद होने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ जिले में नदियां उफान पर हैं।

इनके तटीय इलाकों में रह रहे लोग सहमे हुए हैं। आपदा के कारण बंगापानी तहसील के लुम्ती गांव में बच्चे और महिलाएं फंसी हुई थीं। नदी के पार फंसे इन लोगों को सुरक्षित निकालने के जब सभी उपाया फेल हो गए। उसके बाद सेना के जवान उतारे गए। जवानों ने नदी के आरपार तार बांधकर प्लास्टिक के ड्रमों के जरिये महिलाओं और बच्चों को सुरक्षित निकाल लिया।

बागेश्वर की 17 सड़कों पर मलबा और बोल्डर गिरने से आवाजाही ठप है। उधर चंपावत में टनकपुर-पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग बृहस्पतिवार शाम धौन-स्वांला के बीच आए मलबे से करीब डेढ़ घंटे तक बंद रहा। मार्ग बंद होने से वाहनों की लंबी कतार लग गई। जिले में सात ग्रामीण मार्ग बंद हैं।





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