देहरादून : 2015 में शिक्षा विभाग को अपनी सेवाएं दे चुके पूर्व अतिथि शिक्षकों को सरकार ने फिर से नौकरी का मौका दिया है। राज्य में अतिथि शिक्षकों के करीब दो हजार पद खाली पड़े हुए हैं। सरकार ने शिक्षा निदेशक आरके कुंवर को रिक्त पदों पर नियुक्तियां करने की अनुमति दे दी है। उन्होंने बताया कि शासन के निर्देश के बाद जिलों में सीईआ का आदेश भेज दिया गया है।

स्कूलों में एलटी और प्रवक्ता कैडर में रिक्त पदों पर जरूरत के अनुसार पूर्व अतिथि शिक्षकों को नियुक्त किया जाएगा। इससे पूर्व अतिथि शिक्षकों को बड़ी राहत मिलेगी। सुप्रीम कोर्ट ने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति की छूट देते हुए पूर्व में सेवाएं दे चुके अतिथि शिक्षकों को भी नौकरी का मौका देने के निर्देश दिए हैं। 2019 में विधिवत चयन प्रक्रिया से चुने गए अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के बाद रिक्त पदों पर पुराने वालों को मौका मिलना है।

अतिथि शिक्षक के पांच हजार 34 पदों में वर्तमान में 3200 पदों पर 2019 में चुने गए अतिथि शिक्षक नियुक्त हैं। बाकी पदों पर नियुक्ति पर फैसला लंबे समय से लटका हुआ था। हाल ही में शिक्षा निदेशालय ने पुराने अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति के लिए सरकार से दिशानिर्देश मांगे थे। सरकार ने अनुमति दे दी है। पूर्व अतिथि शिक्षकों को उसी जिले से आवेदन करना होगा। जहां वो पहले नियुक्त थे।





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