बीते दिन बुधवार को देश को 5 ऐसी चीज मिली जिसकी चर्चा पूरे देश और दुनिया में है। भारत ये पाकर और शक्तिशाली हो गया है और भारतीय वायुसेना भी और मजबूत हो गई। वहीं फ्रांस से राफेल लाने वालों में गुरुग्राम के रोहित कटारिया भी शामिल हैं। पोते की ये उपलब्धि देख दादा का सीना गर्व से चौड़ा हो गया है और पूरे परिवार समेत पूरे शहर और उनके गांव में खुशी की लहर है।

जी हां आपको बता दें कि राफेल फ्रांस से भारत लाने वालों में गुरुग्राम के रोहित कटारिया का नाम भी है। गुरुग्राम के नाम के साथ अब रोहित कटारिया को हमेशा हमेशा के लिए याद किय याद किया जाएगा। आपको बता दे कि शहर के सेक्टर-56 देवेंद्र विहार में रहने वाले रोहित उन पायलटों की टीम में शामिल हैं, जो फ्रांस से राफेल विमान लेकर भारत पहुंची है। परिवार के सदस्यों और पड़ोसियों को अपने रोहित पर गर्व है। रोहित के दादाका सीना गर्व से चौड़ा हो गया है। उन्होंने कहा कि कि वह हमेशा रोहित को कहते थे कि करतब देखना चाहता हूं और आज उसका करतब पूरी दुनिया ने देखा।

आपको बता दें कि फ्रांस से करीब 7 हजार किलोमीटर की हवाई दूरी तय कर अंबाला आने वाले फाइटर पायलट की टीम में रोहित कटारिया भी शामिल है जो कि मूलत: बसई के रहने वाले हैं। उनके पिता सतवीर कटारिया आर्मी से रिटायर्ड कर्नल हैं और कपूरथला के सैनिक स्कूल में प्रिंसिपल रहे हैं। घर में शुरू से सैनिक माहौल था। उनके बेटे रोहित का वर्ष 1999 में एनडीए में सेलेक्शन हुआ था। रोहित ने झारखंड के कोडरमा स्थित सैनिक स्कूल तिलैया में शिक्षा ग्रहण की है।

करीब डेढ़ साल से रोहित फ्रांस में ट्रेनिंग कर रहे थे। घरवालों से उनकी फोन पर बात होती रहती है। रोहित के आस-पड़ोस के लोगों के साथ उनके दादा, पिता, मां राजमती और परिवार के अन्य लोग काफी खुश हैं। सतबीर ने बताया कि रोहित का शुरू से सपना था कि उसे एनडीए में जाना है। उसको एंडवेंचर का बेहद शौक है। वह अच्छी राइडिंग करने के साथ ट्रैकिंग भी करता है। बच्चे जब देश के लिए कुछ अच्छा करते है तो अपना सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। आज काफी खुशी है और पूरे देश-विदेश की निगाहें राफेल पर है। पड़ोसी बाल किशन का कहना है कि रोहित की उपलब्धि गांव के लोगों को काफी गर्व है। जश्न मनाए जाने की तैयारी कर ली गई थी, लेकिन किन्हीं कारणों से जश्न मनाने का प्लान टाल दिया गया है।





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