पिथौरागढ़: पिथौरागढ़ जिले में इस बार कुदरत का कहर कुछ ज्यादा ही बरप रहा है। पूरा पिथौरागढ़ जिला आपदा की जद में है। खासकर धारचूला विधानसभा क्षेत्र के कई इलाकों में भारी बारिश और बादल फटने की घटनाओं ने भारी तबाही मचाई है। कई लोगों की जानें चली गईं। कई लोगों के घर तबाहा हो गए। लोग टेंटों में रहने को मजबूर हैं। सोमवार की रात को भी बारिश ने फिर तबाही मचाई।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार भारी बारिश के कारण मुनस्यारी के सबसे ऊंचाई वाली जगह खलिया टॉप में 10 हजार फीट की ऊंचाई पर भूस्खलन हुआ। इसके चलते कुमाऊं मंडल विकास निगम का पर्यटक आवास गृह पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। खलिया में हो रहे भूस्खलन से मुनस्यारी को खतरा बना हुआ है। बंगापानी में दो भवनों को काफी नुकसान हुआ है। भारी बारिश के कारण पिथौरागढ़ थल मुनस्यारी मार्ग, टनकपुर- तवाघाट हाईवे तीन स्थानों पर मलबा आने से बंद। चीन सीमा को जोड़ने वाले तीनों मार्ग बंद है।

धारचूला नगर के गवालगांव में भूस्खलन से एक मकान आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। यहां पर पूरी बस्ती खतरे की जद में आ गई है। जिस कारण कुछ लोगों ने मकान छोड़ दिए हैं। तहसील बंगापानी के मवानी दवानी में दो मकान ध्वस्त हुए। अधिकांश सड़कों के बन्द होने से जनजीवन प्रभावित हुआ है। काली और सरयू नदी का जलस्तर चेतावनी लेबल पार कर खतरे के निशान की तरफ बढ़ रहा है।





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