हरिद्वार : हरिद्वार में हरीश रावत सरकार में हरी की पैड़ी के पास गंगा की धारा को एनजीटी के आदेश के बाद स्क्रैप चैनल घोषित कर दिया था। हाल ही में त्रिवेंद्र सरकार ने उस स्क्रैप चैनल के शासनादेश को निरस्त करने की बात कही थी। इस संबंध में पिछले दिनों बैठक की गई थी, जिसमें शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक और अधिकारी शामिल हुए थे। बताया जा रहा है कि उसमें गंगा का नाम बदलकर देवधारा करने का निणर्य लिया था। अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने पहले भी इस मसले को लेकर सरकोर निर्णय बदलने के लिए कहा था, लेकिन सरकार ने कोई निर्णय नहीं लिया। इसको लेकर अब तीर्थ पुरोहित गुस्से में हैं। तीर्थ पुरोहितों ने 15 दिनों में चैनल स्कैप नहर के शासनादेश को रद्द न किए जाने पर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा ने राज्य सरकार के खिलाफ आंदोलन करने का निर्णय लिया है। बैठक में मुख्यमंत्री और शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक पर भी निशाना साधा।

रविवार को कुशावर्त गंगा घाट पर अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा की बैठक में वरिष्ठ राष्ट्रीय महामंत्री श्रीकांत वाशिष्ठ ने कहा कि 23 मई 2018 को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को उनके आवास में महासभा केप्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन देकर स्कैप चैनल के शासनादेश को निरस्त करने की मांग की थी। इसके बाद शहरी विकास मंत्री को ज्ञापन सौंपे। दोनों ने ही शासनादेश को निरस्त करने का आश्वासन दिया। अब अखाड़ा परिषद और गंगा सभा भी मांग उठा चुकी है। पूरे प्रकरण को तीन साल से अधिक का समय हो गया है। बार-बार आश्वासन ही दिया जा रहा है। राज्य सरकार ने शासनादेश में कोई कार्रवाई नहीं की है। वशिष्ठ ने कहा कि चाद दिन पूर्व हुई कैबिनेट की बैठक मे इस गंभीर मुद्दे पर प्रस्ताव तक न लाना पुरोहित समाज के साथ एक प्रकार का छलावा है।





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