हल्द्वानी :  कोरोना के कारण इस बार रक्षाबंधन का पर्व भी बदले अंदाज में नजर आएगा। भाई बहनों का राखी का त्यौहार आते ही बाजारों में रोनक बढ़ जाती है लेकिन कोरोना महामारी के चलते ऐसा देखने को नहीं मिल रहा है , हल्द्वानी के मार्केट में राखियो की बाजार तो लग गई है लेकिन उसको खरीदने वाला कोई नहीं देखिए इस रिपोर्ट पर

यही वजह है कि इस कोरोना जैसी महामारी में अब महिलाएं अपने घर पर ही राखी बनाने का कार्य कर रही हैं। हल्द्वानी के मानपुर पश्चिम वार्ड नंबर 56 के रहने वाली महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकल टू वोकल के संदेश को मानकर घर पर ही राखी बनाने निर्णय लिया हैं। रखी बना रही महिलाओं का कहना है वैसे ही कोरोना काल से जनता परेशान है जहां राखी के त्यौहार के कुछ दिन पहले से ही बाजारों में जाकर शॉपिंग होती थी लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। यही वजह है कि हमने अपने भाइयों के लिए घर में ही राखी तैयार की है, जिससे कोरोना जैसी महामारी से बचा जा सके। खासतौर पर इन बनाई गई राखियो पर उत्तराखंड की संस्कृति की झलक के साथ भाई बहन का प्यार भी देखने को मिल रही है यही वजह है लोगों को यह राखी पसंद आ रही है

वहीं महिलाओं ने कहा कि हम काफी समय से राखी बना रहे हैं और इसका अच्छा रिस्पांस भी हमको मिल रहा है जो हमारी महिला सहायता समूह की महिलाएं मिलकर राखी बना रही हैं। इसके साथ महिलाओं को रोजगार भी मिल रहा है, जिसमें दिन में 200 से 500 तक राखियां बना लेते हैं और इन राखियों की डिमांड काफी हो रही है। बताया कि लोग हमारी बनाई गई हुई राखियां पसंद कर रहे है।





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