देहरादून : शहीद  बेटे को ताबूत में देख बूढ़ी मां बेसुध हो गई। जब मां अपने शहीद बेटे के ताबूत के पास पहुंची तो लिपटकर रोने लगी और कहने लगी कि क्यों हमे छोड़कर गया। बता दें कि राजेंद्र नेगी इकलौते घर में कमाने वाले थे। उनके तीन बच्चे हैं जो पढ़ाई कर रहे हैं। पिता और भाई गांव में रहकर खेती करते हैं। राजेंद्र नेगी परिवार में इकलौते कमाने वाले थे जो परिवा से छिन गया। परिवार को गर्व है कि बेटा देश के लिए शहीद हुआ लेकिन माता-पिता को अपने जवान बेटे के जाने का गम है और उसके परिवार की चिंता है कि आखिर उनका लालन पालन अब कैसे होगा। इसी को देखते हुए शहीद के पिता ने सीएम से मदद मांगी. सीएम ने हर संभव मदद का आश्वासन दिया। बता दें कि मां को बेमुश्किल आस पड़ोस के लोगों और महिला पुलिसकर्मियों ने संभाला। मां का लाडला बेटा चला गया। पहले तो मां बेटे के ताबूत से लिपट गई और फिर हाथ जोड़कर वहीं खड़ी रही और रोती रही। मां को देख वहां मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गई। खबर उत्तराखंड शहीद की शहदत को नमन करता है और परिवार के प्रति सांत्वना व्यक्त करता है। हमारी सरकार से मांग है कि शहीद के परिवार को खासी मदद दी जाए।





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