चम्पावत: सरकारी पाबंदियों से परेशान लोगों ने सैकड़ों लीटर दूध यूं ही बहा दिया। लोगों का आरोप है कि सरकार ने माइक्रो कंटेनमेंट जोन से परेशान चैकुनी गांव के लोगों ने दूध बहाकर विरोध दर्ज कराया। प्रशासन की ओर से गांव में आवाजाही पूरी तरह बंद की गई है। जिसके चलते ग्रामीणों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। दुग्ध संघ ने दूध की खरीद पर भी प्रतिबंध लगा दी, इससे लोगों के सामने रोजी-रोटी का भी संकट हो गया है।

जानकारी के अनुसा जिला मुख्यालय से लगे चैकुनी के ग्रामीणों पर पाबंदियों तो लगा दी गई, लेकिन कोई समाधान नहीं निकाला गया, जिसके लोगों को दिक्कतें हो रही हैं। गुस्साए लोगों ने दूध बहाकर प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि गांव के 50 से अधिक परिवारों की आय दूध से ही होती है। गांव में कोरोना पॉजिटिव मामले आने के बाद प्रशासन ने गांव को माइक्रो कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया था।

पिछले 12 दिनों से गांव के लोग बाहर नहीं निकल पाए हैं। प्रशासन ने दूध बिक्री पर भी रोक लगा दी। दुग्ध संघ ने भी समिति में दूध लेने से मना कर दिया है। रोजाना लोगों का तीन से चार सौ लीटर दूध बर्बाद हो रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद भी उन्हें दूध बेचने की अनुमति नहीं दी जा रही है।





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