चमोली जिले के देवाल की रहने वाली डीएवी की छात्रा प्रियंका ने सिविल सेवा परीक्षा में 257वां स्थान हासिल कर अपने किसान पिता सहित परिवार का और प्रदेश का नाम रोशन किया है। जानकारी मिली है कि प्रियंका के पिता किसान हैं और मां गृहणी है। प्रियंका ने खुद ट्यूशन पढ़ाया और खुद की पढ़ाई भी जारी रखते हुए यूपीएससी में सफलता पाई और आईएएस बनकर दिखाया। प्रियंका उन बच्चों के लिए औऱ युवा पीढ़ी के लिए मिसाल हैं जो की हमेशा आर्थिक तंगी और हालात और गांव के माहौल का रोना रोते हैं। बता दें कि प्रियंका के पिता दीवान राम किसान और माता गृहणी हैं। हालांकि उनके मामा जज हैं। मामा से ही प्रियंका को सिविल सेवा में जाने की प्रेरणा मिली है। वह डीएवी कॉलेज से लॉ की पढ़ाई कर रही है। अभी वह फाइनल सेमिस्टर की छात्रा हैं। प्रियंका ने हिंदी मीडियम से परिक्षा पास की है। प्रियंका ने 257 रैंक हासिल कर आईएएस बनने का सपना साकार किया है।

12वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की

बता दें कि विषम परिस्थितियों में पली-बढ़ी प्रियंका ने 12वीं तक की पढ़ाई सरकारी स्कूल से की और उन युवाओं को संदेश दिया जो कि हमेशा सरकारी स्कूल का रोना रोते हैं और सरकारीस्कूल की पढ़ाई को कोसते हैं। प्रियंका ने साबित किया कि अगर मन में कुछ पाने की लगन हो तो कहीं भी कैसे भी हालात में पढ़ाई कर सफलता पाई जा सकती है। मिली जानकारी के अनुसार 12वीं के बाद गोपेश्वर स्थित राजकीय महाविद्यालय से स्नातक किया और फिर एलएलबी के लिए डीएवी पीजी कॉलेज में दाखिला लिया। वर्तमान में वह छठे सेमेस्टर की छात्रा हैं। सिविल सेवा की परीक्षा के साथ ही प्रियंका ने जीवन में कभी ट्यूशन नहीं लिया।





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