उधमसिंह नगर : उत्तराखंड की राजनीति में कई बार सरकार के मंत्री-विधायकों के बीच ही और विपक्ष में भी आपसी विधायकों के बीच भी खूब खटपट हुई है। लेकिन ये खटपट अब उत्तराखंड पुलिस विभाग में भी देखने को मिल रही है। आईपीएस और ऊधमसिंह नगर के पूर्व एसएसपी रहे बरिंदरजीत सिंह ने तबादले को गलत बताते हुए डीजीपी और डीजी अशोक कुमार समेत आईजी के खिलाफ मोर्चा खोला हुआ है और हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। वहीं अब बड़ी खबर आ रही है कि आईपीए बरिंदर जीत सिंह ने अपनी जान को खतरा  बताते हुए सुरक्षा मुहैया कराने की मांग की है। आईपीएस ने पुलिस और प्रशासन के बड़े अधिकारियों को पत्र लिखा है और सुरक्षा मांगी है। हालांकि इस पर  किसी का बयान सामने नहीं आया है लेकिन गोपनीय पत्र ने नैनीताल से लेकर दून तक खलबली मचा दी है। फिर ये मीडिया है सब जानती है.

तबादले पर आपत्ति जताते हुए आईपीएस ने शुक्रवार को ली हाई कोर्ट की शरण

आपको बता दें कि ऊधमसिंह नगर के पूर्व एसएसपी बरिंदरजीत सिंह का तबादला बीते दिनों शासन ने आइआरबी कमांडेंट बैलपड़ाव के पद पर किया था और उनकी जगह पौड़ी गढ़वाल के एसएसपी दलीप सिंह कुंवर को उधमसिंह नगर का एसएसपी बनाया गय लेकिन ये तबादला बरिंदर जीत सिंह  को नगवार गुजरा और उन्होंने विभाग के खिलाफ ही मोर्चा खोल दिया। आईपीएस ने तबादले पर आपत्ति जताते हुए शुक्रवार को हाई कोर्ट की शरण ली। बरिंदरजीत सिंह ने याचिका दायर कर आरोप लगाया कि यूएस नगर में तैनाती के दौरान डीजीपी अनिल रतूड़ी व डीजी लॉं एंड आर्डर अशोक कुमार द्वारा उन्हेंं कई बड़े मामलों में निष्पक्ष जांच करने से रोका गया। चेतावनी तक दी गई। पत्राचार करने पर चेतावनी वापस ले ली लेकिन उत्पीडऩ जारी रहा। आइपीएस बरिंदरजीत सिंह ने पूर्व डीआइजी जगत राम जोशी पर भी परेशान करने का आरोप लगाया।

12 साल की सेवा में मैनें पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से काम किया-IPS

आईपीएस बरिंदर जीत सिंह ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में कहा कि 12 साल की सेवा में उन्होंने पूरी ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा से काम किया जिसका इनाम उन्हें 8 तबादलों के तौर पर मिला। जिसके बाद हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डीजीपी, डीजी कानून व डीआइजी को नोटिस जारी कर 20 अगस्त तक जवाब दाखिल करने के निर्देश भी दिए।

पत्र लिखकर शासन प्रशासन के अधिकारियों से सुरक्षा की मांग

वहीं सूत्रों के हवाले से खबर है कि अब आइपीएस बरिंदरजीत सिंह ने पत्र लिखकर शासन प्रशासन के अधिकारियों से सुरक्षा की मांग की है। उन्होंने कहा कि ऊधमसिंह नगर के कुछ मामलों की जांच की वजह से उनकी जान को खतरा है। लिहाजा, उन्हें सुरक्षा मुहैया करवाई जाए।





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