देेहरादून: सरकार ने राज्य में बाहरी प्रदेशों की बसों को भी अनुमति दे दी है। साथ उत्तराखंड से दूसरे राज्यों में भी बसें जाएंगे। इसके अलावा राज्य के भीतर भी बसों का संचालन होगा। दुगुना किराया लेने का नियम को खत्म कर दिया गया है। पहले सरकार द्वारा आधी सवारी औऱ दुगुना किराया का नियम लागू किया था लेकिन अब वो खत्म हो गया है। अब यात्रियों को निर्धाति किराया ही देना होगा। इसके लिए सरकार ने परिवहन निगम को रोस्टर बनाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन शर्त नियमों के साथ बसों का संचालन शुरु किया गया है। सरकार द्वारा जारी आदेश में नियमों को बताया गया है इसके उल्लंघन पर बस चालक-परिचालक पर कार्रवाई की जाएगी।

कल यानी 29 सितम्बर से अंतरराज्यीय बसों का संचालन शुरू हो रहा है। उत्त्तराखंड शासन में सचिव शैलेश बगौली ने आदेश कर जारी कोरोना काल में सरकारी बसों के संचालन के नए नियम जारी कर दिए हैं।

बसों में जो 50 प्रतिशत सवारी बैठाने का प्रावधान था। उसे पूरी तरह समाप्त कर दिया गया है। बसों को किराया भी पूर्व की भांति ही लिया जाएगा। परिवहन निगम ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।

एसओपी की ख़ास बातें:

  • अन्तर्राज्यीय मार्गों पर भी सार्वजनिक सेवायानों को संचालन की अनुमति इस शर्त के साथ प्रदान की जाती है कि उत्तराखण्ड परिवहन निगम द्वारा अन्तर्राज्यीय मार्गों पर अन्य राज्यों के निगम से समन्वय स्थापित करते हुए वाहनों का संचालन किया जाएगा। अन्तर्राज्यीय परिवहन सेवा हेतु प्रथम चरण में संबंधित राज्यों के मध्य परस्पर सहमति के आधार पर अधिकतम 100-100 फेरे प्रति दिन संचालन की अनुमति होगी।
  • अन्तर्राज्यीय और अन्तर्जनपदीय मार्गों पर बस/टैक्सी कैब/मैक्सी कैब/ थ्री-व्हीलर ऑटो-विक्रम/ई-रिक्शा में निर्धारित सीट क्षमता के अनुसार ही सवारी/यात्री बैठाये जायेंगे। बसों में स्टैण्डिंग की अनुमति नहीं होगी।
  • वाहन स्वामियों / चालक / परिचालक द्वारा यात्रियों से राज्य परिवहन प्राधिकरण द्वारा निर्धारित दर से किराया लिया जायेगा। किसी भी दशा में उक्त दर से अधिक किराये की वसूली नहीं की जाएगी। इस सम्बन्ध में पूर्व में किराया बढ़ोतरी के फैसले को समाप्त किया जाता है।
  • सभी वाहन स्वामियों /वाहन चालकों एवं यात्रियों द्वारा उत्तराखण्ड राज्य आपदा प्रबन्धन प्राधिकरण द्वारा अन्तर्राज्यीय एवं अन्तर्जनपदीय आवागमन हेतु निर्गत किये गये मानक प्रचालन दिशा-निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जायेगा।
  • प्रत्येक यात्रा प्रारम्भ करने से पूर्व एवं यात्रा समाप्ति के पश्चात्‌ वाहन का कीटाणुशोधन (सैनिटाईजेशन) किया जायेगा, जिसके अन्तर्गत वाहन के प्रवेश द्वार, हैण्डिल, रैलिंग, स्टेयरिंग, गियर लीवर, सीटों आदि का भली-भाँति सैनिटाईजेशन सम्मिलित है।
  • वाहनों में चालक, परिचालक और समस्त यात्रियों को फेस-मास्क/फेस कवर पहनना अनिवार्य होगा।
  • वाहन चालक, परिचालक और यात्रियों द्वारा सोशल-डिस्टेंसिंग सम्बन्धी नियमों का पूर्णतः पालन किया जायेगा।
  • वाहन चालक, परिचालक एवं यात्रा करने वाले सभी यात्रियों को अपने मोबाईल पर आरोग्य सेतु एप डाउनलोड करना और उसका उपयोग करना अनिवार्य होगा।
  • अन्तर्राज्यीय और अन्तर्जनपदीय यात्रा करने की स्थिति में वाहन में प्रवेश, यात्रा करने वाले यात्री की थर्मल स्कैनिंग किये जाने की व्यवस्था बस डिपो/यात्रा के प्रारम्भिक स्थल पर सम्बन्धित जिलाधिकारी के द्वारा की जाएगी। इसी प्रकार अंतर्राज्यीय परिवहन सेवा के रूप में राज्य के किसी बस अड्डे पर आने वाली बस के यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जाँच का उत्तरदायित्व भी संबंधित जनपद के जिलाधिकारी का होगा।
  • किसी यात्री में कोविड-19 के लक्षण पाए जाने पर सम्बन्धित वाहन चालक द्वारा उसकी सूचना निकटतम पुलिस थाने/स्वास्थ्य केन्द्र को दी जोयगी।
  • यात्रा करते समय पान, तम्बाकू, गुटका और शराब आदि का सेवन प्रतिबन्धित रहेगा। वाहन मे थूकना दण्डनीय होगा।
  • यात्रा के दौरान वाहन को निर्धारित स्टॉपेज पर ही रोका जायेगा।
  • अन्तर्राज्यीय (अन्य राज्यों से उत्तराखण्ड राज्य आने हेतु) यात्रा की स्थिति में सम्बन्धित वाहन चालक, परिचालक और यात्रियों को देहरादून स्मार्ट सिटी की वैबसाईट http://smartcitydehradun.uk.gov.in/ पर पंजीकरण करना होगा। यदि किसी कारणवश कोई यात्री बिना पंजीकरण कराये राज्य में प्रवेश करता है, तो सम्बन्धित यात्री के पहुँचने के स्थान पर उसका अनिवार्य रूप से पंजीकरण कराया जाएगा। पंजीकरण के लिए आवश्यकतानुसार कार्मिकों की व्यवस्था सम्बन्धित जनपद के जिलाधिकारियों द्वारा की जायेगी।

The post उत्तराखंड में कल से दूसरे राज्यों के लिए दौड़ेंगी बसें, इस नियमों के साथ करना होगा सफर first appeared on Khabar Uttarakhand News.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top