वर्तमान समय में शिक्षकों को अपना पुराना समयमान स्थापित करने की आवश्यकता “गुरु ब्रह्मा,गुरुर्विष्णु, गुरुर्देवो महेश्वरः, गुरुःसाक्षात परब्रह्म, तस्मैःश्री गुरुवेः नमः” कमल किशोर डुकलान  शिक्षक छात्रों के जीवन के उस वास्तविक कुम्हार होते हैं जो न सिर्फ जीवन को आकार ही देते हैं बल्कि उन्हें दुनिया में अंधकार होने के बाद भी प्रकाश की तरह […]



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