मर्दानगी …….. हम तो मर्दानगी दिखाएँगे, आवाज़ उठाने वाले, अब कुचले जाएँगें । सपना उसने कैसे देखा, हम शीशे के साथ, सपनों पर भी मूसल चलायेंगे। मर्द हैं हम, मर्दानगी दिखायेंगे। औरत है, क्या औक़ात? आँख दिखाती, और प्रश्न बेबाक़? राजा हैं हम, इस मिट्टी के, उसका घमण्ड हम तोड़ दिखायेंगे। मर्द हैं हम, मर्दानगी दिखायेंगे। तुझे पते कि बात बताऊँ? राजा से ना, नज़र मिला। राजा का करो गुणगान, दुम हिलाओ, और लो ईनाम। राजा तो है, दरियादिल, सबका हिसाब रखे हर दिन। ना तू बात करे  मनमानी, झुक कर रह, अब बन सयानी। तू तो औरत है, बस सुनती रह, वरना तू भी मिट जायेगी। मर्दों की दुनिया है यह, ख़ुश रहना है? तो झुक कर रह। अब हम मर्दानगी दिखायेंगे, आँखों में देखकर बात करने वालों के, सपने कुचले जाएँगे। मर्द हैं हम, मर्दानगी दिखायेंगे।   नाम:- कृति शर्मा जन्म स्थान:- दिल्ली शिक्षा/- B.Sc (DU); MBA(IP […]



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