पंजाब की चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी, बौद्धिक संपदा अधिकारों को सुरक्षित रखने के लिए सबसे अधिक पेटेंट दर्ज कर देशभर में नम्बर वन रही है। चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने 336 पेटेंट दर्ज कर देशभर के प्रतिष्ठित संस्थानों को पछाड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।वर्ष 2020 में इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी राइट्स के संरक्षण के लिए भारत सरकार के पेटेंट जनरल कंट्रोलर विभाग द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी रिकॉर्ड तोड़ पेटेंट दर्ज करके आईटी के क्षेत्र में सबसे आगे रही है। यह जानकारी चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर स. सतनाम सिंह संधू ने पत्रकारों के साथ साझा की, जिस दौरान उनके साथ रिसर्च, डीन डॉ. संजीत सिंह इस मौके पर मौजूद रहे।

इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी के चांसलर स. सतनाम सिंह संधू ने कहा कि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी और सीजीसी लांड्रा द्वारा 67.6 प्रतिशत पेटेंट के पंजीकरण के फलस्वरूप, पंजाब राज्य राष्ट्रीय स्तर पर 12वें से 8वें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने इसे पंजाब के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि करार दिया। उन्होंने इसे  पंजाब के लिए ऐतिहासिक हासिल बताते हुए कहा कि राज्य ने एक साल में 33  फीसदी की दर से पेटेंट फाइल करके रिसर्च के क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विभिन्न क्षेत्रों में पेश आ रही समस्याओं के ठोस समाधान के लिए चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा किए गए शोध कार्यों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा करके हासिल की गई है। स. संधू ने कहा कि उपरोक्त क्षेत्रों में यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स ने स्वास्थ्य देखभाल, कृषि प्रबंधन, ऑटोमेशन, स्मार्ट स्वास्थ्य, जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण, फसल रखरखाव, व्हीकल सिक्योरिटी, स्मार्ट व्हीकल, मेन्युफेक्चरिंग इत्यादि क्षेत्रों में समस्याओं के स्थायी हल निकालते हुए पेटेंट दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी द्वारा अब तक आईटी क्षेत्र में 148 पेटेंट, ऑटोमेशन सेक्टर में 85, स्वास्थ्य क्षेत्र में 27, कृषि क्षेत्र में 31, सुरक्षा क्षेत्र में 95, मेन्युफेक्चरिंग क्षेत्र में 203 और डोमेस्टिक सेक्टर में 113, पानी सम्बन्धी 20 तथा अन्य क्षेत्रों में 57 पेटेंट दर्ज किए जा चुके हैं। स. संधू ने कहा कि यूनिवर्सिटी के छात्रों ने देशभर में सबसे अधिक 336 पेटेंट दर्ज किए हैं और अब तक 779 से अधिक पेटेंट पंजीकृत किए गए हैं।

स. संधू ने कहा कि देश के 27 आईआईटी द्वारा संयुक्त रूप से कुल 557 पेटेंट दायर किए गए हैं, जबकि चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी ने अकेले ही 336 पेटेंट दर्ज करवाए हैं। उन्होंने कहा कि ‘मिशन इनोवेटिव पंजाब’ के तहत, राज्य इनोवेशन के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है, जैसा कि भारत के पेटेंट जनरल कंट्रोलर के कार्यालय, डिजाइन और ट्रेड मार्क द्वारा जारी की गई वार्षिक रिपोर्ट से स्पष्ट है। स. संधू ने कहा कि इनोवेशन के क्षेत्र में, पंजाब ने पिछले साल की तुलना में चार स्थान ऊपर उठकर 8वें स्थान पर पहुंचा है, जो पहले 12वें पायदान पर था। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017-18 की वार्षिक रिपोर्ट के दौरान, कुल 247 पेटेंट दर्ज करवाकर पंजाब ने 12वें स्थान पर कब्जा किया था। उन्होंने कहा कि जारी की गई रिपोर्ट में पंजाब में कुल 660 पेटेंट दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 336 पेटेंट अकेले चण्डीगढ़ यूनिवर्सिटी द्वारा दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब द्वारा दायर कुल पेटेंट में से 67.6 प्रतिशत योगदान चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी घडूआं और चंडीगढ़ ग्रुप ऑफ़ कॉलेजेज द्वारा किया गया, जबकि 32.4 प्रतिशत पेटेंट पंजाब के शेष शैक्षणिक संस्थानों द्वारा पंजीकृत किए गए हैं।

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