मनीष डंगवाल
देहरादून: भाजपा कोर ग्रुप की बैठक में मिले निर्देशों का उत्तराखंड त्रिवेंद्र कैबिनेट के मंत्री पालन करते हुए नजर नहीं आ रहे हैं। सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस मामले में मिसाल पेश की है। सीएम कोर ग्रुप में मिले निर्देश का पालन कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठने लगे हैं कि जब मुख्यमंत्री खद पार्टी संगठन के नियमों और निर्देशों को पालन कर रहे हैं, तो फिर कैबिनेट मंत्री क्यों नहीं कर रहे हैं ? इसको लेकर भाजपा उत्तराखंड संगठन स्तर पर भी अब मामला जोर पकड़ने लगा है।

मंत्रियों को रात्रि प्रवास के निर्देश 

दरअसल, गत 4 अक्टूबर को उत्तराखंड भाजपा कोर ग्रुप की बैठक हुई थी, जिसमें संगठन से मंत्रियों को निर्देश मिले थे कि वह महीने में एक दिन रात्रि प्रवास अपने प्रभारी जिले में करें। साथ ही जिले के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर कार्यकर्ताओं की समस्याओं का हल करने के साथ जनता दरबार लगाकर जनता की भी समस्याएं निपटाएं। जिलों में विकास कार्यों की प्रगति को लेकर जिले के अधिकारियों के साथ बैठक करने के लिए भी कहा गया था।

मंत्रियों का बचाव

लेकिन, अक्टूबर का महीना खत्म होने को है। अब तक त्रिवेंद्र कैबिनेट के एक भी मंत्री ने प्रभारी जिले में जाकर संगठन से मिले निर्देशों का पालन किया। हैरानी बात ये है कि उत्तराखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रदेश बंशीधर भगत ही कैबिनेट मंत्रियों का बचाव करते हुए नजर आ रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष का कहना है कि इस महीने त्यौहार ज्यादा पड़ गए, इसलिए मंत्री प्रभारी जिलों में नहीं जा रहे होंगे।

प्रदेश के सभी जिलों में जाकर

त्रिवेंद्र कैबिनेट के मंत्री भले की संगठन से मिले निर्देशों का पालन हीं कर रहे हों और प्रदेश अध्यक्ष उनका बचाव में उतार आए हों, लेकिन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने प्रदेश के सभी जिलों में जाकर रात्रि विश्राम करने के साथ कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर और जिले में विकास कार्यों की समीक्षा करने की शुरूआत कर दी है। मुख्यमंत्री का कहना है कि जो बातें बैठक में नहीं आ पाती हैं। वह अनौपचारिक रूप से कार्यकर्ताओं के साथ बैठने से मिल जाती हैं। सीएम का कहना है कि 4 जिलों में जा चुके है। उनका लक्ष्य सभी जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठककर जिले के विकास कार्यो पर अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।

समस्याओं का निदान करना

कुल मिलाकर देखें तो 2022 के चुनावी समर को देखते हुए जिलों में जाकर कार्यकर्ताओं के साथ बैठ कर उनकी समस्याओं का निदान करना और जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर विकास कार्यां को गति देन की दिशा में मुख्यमंत्री ने कदम बढ़ा दिए हैं। लेकिन, असल सवाल यह है कि सीएम की तरह ही उनके कैबिनेट मंत्री कम जिलों में जाएंगे, इसका इंतजार सबका है। हालांकि यह पहली बार नहीं है, जब मंत्रियों ने निर्देशों को पालन नहीं किया हो। इससे पहले सीएम के विधानसभा में बैठने के निर्देशों को भी मंत्री दरकिनार कर चुके हैं।

The post उत्तराखंड : CM ने माना निर्देश, मंत्रियों ने नकारा, जानें क्या है पूरा मामला ? first appeared on Khabar Uttarakhand News.





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