हल्द्वानी : सरकार ने दावा किया था कि किसानों को धान खरीद का भुगतान आॅनलाइन तत्काल किया जाएगा, लेकिन हकीकत इससे अलग है। हल्द्वानी के गौलापार के किसानों ने सरकारी क्रय केंद्र पर धान बेचा, लेकिन उनको आज तक धान का एक रुपया तक नहीं दिया गया।

किसानों की मानें तो 5 हजार क्विंटल धान का करीब 93 लाख भुगतान होना है। जबकि 150 किसान ऐसे भी हैं, जिनका अभी नंबर तक नहीं लगा है। उनकी फसल कटने के बाद भी घर पर पड़ी हुई है। गुस्साए कियानों ने एसडीएम कोर्ट पहुंचकर विरोध प्रदर्शन का बकाया भुगतान करने की मांग की है।

किसान नीरज रैक्वाल और हरेंद्र बिष्ट ने बताया कि बड़ी मुश्किल से कुंवरपुर में धान क्रय केंद्र खोला गया था। इससे पहले गौलापार के किसानों को चोरगलिया या हल्द्वानी मंडी आना पड़ता था। 17 नवंबर तक 150 लोगों ने करीब 5000 क्विंटल धान क्रय केंद्र के माध्यम से बिक्री कर दिया था। बताया भुगतान नहीं होने से उन्हें आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

The post उत्तराखंड : धान ले गए पर पैसा नहीं दिया, सरकारी दावों की खुली पोल first appeared on Khabar Uttarakhand News.





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