दोषों को निकलना और सद्गुणों को ग्रहण करने की प्रक्रिया ही है संस्कार : आद्य शंकराचार्य कमल किशोर डुकलान  भारतीय शिक्षा और कला का उद्देश्य मानव-हृदय को उदात्त बनाकर उसमें करुणा,संवेदना,संवेदनशीलता का सृजन करना है। संस्कृति की विशेषताओं को शिक्षा और कला के विविध कौशलों द्वारा भावी पीढि में संस्कारों को समाहित करते हुए भारतीय […]



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