हल्द्वानी : उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा बिजली और पानी फ्री दिए जाने के ट्विट के बाद सियासत शुरू हो गई है। वहीं हरीश रावत के इस बात का समर्थन नेता प्रतिपक्ष इंदिरा ह्रदयेश भी नहीं कर रही हैं। नेता प्रतिपक्ष इंदिरा हरदेश का कहना है कि ये हरीश रावत की राय हो सकती है पार्टी की राय नहीं है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत का कहना है कि जिस राज्य में बिजली और पानी के पैसे लेने के बावजूद भी सरकार चलाना मुश्किल हो रहा है वहां फ्री करके क्या हालात होंगे यह समझा जा सकता है। हरीश रावत को शिगूफा छोड़ने की आदत है इसलिए वह छोड़ते रहें लेकिन फिलहाल ऐसी कोई परिस्थितियां राज्य कि नहीं है गौरतलब है कि हरीश रावत ने कांग्रेस सरकार आने पर पूर्व में भी बिजली और पानी फ्री किए जाने की बात को दोहराया था।

हरीश रावत का ट्वीट

बता दें कि हरीश रावत ने ट्वीट कर कहा था कि मैंने, गरीबों के लिये, राज्य के सामान्य आदमी के लिये, ये क्या कह दिया कि हम 100 यूनिट से लेकर के 200 यूनिट तक प्रत्येक परिवार को बिजली मुफ्त देंगे और प्रत्येक परिवार को 25 लीटर शुद्ध पीने का पानी भी 2024-25 तक नि:शुल्क उपलब्ध करवायेंगे, तो मेरे कई दोस्तों को बहुत तकलीफ हो रही है, मेरे साथ बहुत प्यार है न उन दोस्तों का! इसलिये उन्हें बहुत तकलीफ हो रही है। मुझे गुलजार के दो शब्द याद आते हैं, उनकी इस अदा पर “मचल कर जब भी आंखों से ढलक जाते हैं दो आंसू, सुना है झरनों को बड़ी तकलीफ होती है”।

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