देहरादून : बीते दिन देवभूमि ने देश को 25 जांबाज बेटे दिए जो अब देश की रक्षा करेंगे। देवभूमि को गर्व है कि उत्तराखंड से कई अफसर देश के लिए रक्षा के लिए तैयार हुए वो भी देवभूमि उत्तराखंड में ही। इनमे से एक हैं है ऐंचोली पिथौरागढ़ निवासी मनोज जोशी जो अपने पिता के ही नक्शेकदम पर चले और सेना में जाकर देश की रक्षा करने की ठानी। जानकारी मिली है कि मनोज जोशी के पिता विष्णु दत्त फौज से नायक पद पर रिटायर हुए। पिता के लिए इससे ज्यादा गौरवशाली पल और क्या हो सकता है कि पिता नायक और बेटा सेना में अफसर बन गया। मनोज जोशी ने पीओपी के दौरान अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि जब डॉक्टर का बेटा डॉक्टर बन सकता है तो फौजी का बेटा फौजी क्यों नहीं।

आपको बता दें कि 13 दिसंबर को पीओपी में 395 सैन्य अधिकारी पास आउट हुए जिसमे 325 भारतीय और 9 मित्र देशों के 70 जैंटलमेंट कैडेट्स विदेशी थे। मित्र देशों में सबसे ज्यादा अफगानिस्तान के है 41 कैडेट्स शामिल रहे। बता दें कि भूटान के 17, तजाकिस्तान के 3 , मॉरीशस के 1 , नेपाल के 2 , मालदीप के 1 , वियतनाम के 3 , श्रीलंका 1 , म्यांमार का 1 कैडेट्स शामिल रहे। देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी ने देश को अब तक 62 हजार से ज्यादा सैन्य अफसर दिए हैं। मित्र राष्टों के 2572 सैन्य अफसरों को आईएमए प्रशिक्षण दे चुका है। आईएमए 88 साल से सेना का पॉवर हाउस बना हुआ है।

परेड से पास आउट होने के बाद उत्तर प्रदेश के 50, हिमाचल के 10, उत्तराखंड के 25, दिल्ली के 13, हरियाणा के 45, गुजरात के 4, पश्चिम बंगाल के 6, तेलंगाना के 3, तमिलनाडु के 6, राजस्थान के 18, पंजाब के 15, उड़ीसा के 4, मिजोरम के 2, मणिपुर के 3, बिहार के 32, चंडीगढ़ के 4, असम के 6, झारखंड के 6, केरल के 15, कर्नाटक के 5, जम्मू कश्मीर के 11 कैडेट्स बनेंगे सेना में अधिकारी

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