पुलवामा अटैक को आज दो साल पूरे हो गए हैं। आज ही के दिन भारत मां ने अपने 40 जांबाज बेटों को खोया था। आज पुलवामा हमले की दूसरी बरसी है। पूरा देश आज शहीद जवानों को याद कर रहा है और श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। हमले का दिन पूरे भारत के लिए काला दिन था। लोगों ने 14 फरवरी को काला दिवस के रुप में मनाने का फैसला किया था और पाकिस्तान का पुतला दहन किया था।इस हमले में उत्तराखंड के भी दो जवान शहीद हुए थे। जिसमे एक उत्तरकाशी के मोहन लाल रतूड़ी जबकि दूसरे उधमसिंह नगर के थे।

 2019 में कश्मीर के पुलवामा जिले में आतंकियों ने उस समय खूनी खेला था जब हिंदुस्तानी फौज के जांबाजों का एक काफिला रवाना हो रहा था.तभी विस्फोटक से भरी कार जवानों की बस से टकराई और बस के चीथड़े उड़ गए। इसमें 40 जवान शहीद होगए। घरवालों को उनके बेटे की पूरा पार्थिव शरीर भी नसीब नहीं हुआ। मौके पर चीथड़े उड़े हुए शरीर के अंग पड़े हुए थे जिसे देख रेस्क्यू कर रहे पुलिस औऱ सेना के जवान भी दहल गए। वहीं बता दें कि भारत ने इस हमले का बदला लिया। पुलवामा हमले के करीब 2 हफ्ते बाद यानी 26 फरवरी को भारतीय एयर फोर्स ने पाकिस्तान में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की और आतंकी ठिकानों को तबाह किया. जिसमें में करीब 300 पाकिस्तानी आतंकियों को मौत की नींद सुलाया गया था.

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