उत्तराखंड सहित पूरे देश के लिए बुरी खबर है। जी हां बता दें कि कुमाऊं रेजीमेंट में तैनात जवान बलवंत सिंह सियाचिन ग्लेशियर में शहीद हो गए हैं। इसकी सूचना जैसे ही घर पर दी गई घर में कोहराम मच गया। शहीद की पत्नी और परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है। गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। आस पड़ोस के लोग ढांढस बंधा रहे हैं। बता दें कि नागदा के रहने वाले बलवंत ग्लेशियर पर अपनी ड्यूटी पर तैनात थे। जानकारी मिली है कि अचानक बर्फ धंसने से बलवंत शहीद हो गए। बलवंत सिंह साल 2004 में सेना में शामिल हुए थे। आपको ये भी बता दें कि सियाचिन की जिस पोस्ट पर शहीद जवान तैनात था वो बहुत खतरनाक पोस्ट है।बर्फ से लबालब पोस्ट में खतरा बहुत है।

आपको बता दें कि सेना में रहते हुए बलवंत सिंह ढाई साल तक शांति सेना में दक्षिण अफ्रीका में अपनी सेवाएं दे चुके थे। उनकी तैनाती 15 कुमाऊं रेजिमेंट में थी। वो पिछले मंहीने 13 फरवरी को ही वे वापस अपनी ड्यूटी पर गए थे। बीती रात पता चला कि बर्फ धंसने से बलवंत सिंह गंभीर रुप से घायल हो गए हैं। सुबह सुबह सेना ने बताया कि बलवंत सिंह शहीद हो गए हैं। शहीद को बीते दिन सुबह सियाचिन की चौकी से नीचे लाया गया है। दो दिन में शहीद की पार्थिव देह नागदा पहुंचेगी। उनका साढ़े तीन साल का एक बेटा है। जिसके सिर से पिता का साया उठ गया।

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