देहरादून : उत्तराखंड के सांसदों और उनकी सांसद निधि को लेकर आरटीआइ से बड़ा खुलासा हुआ है। ये खुलासा बताता है कि सांसद निधि खर्च करने में उत्तराखंड के सांसद कितने कंजूस है। इसमे तीरथ सिंह रावत समेत रमेश पोखरियाल निशंक भी शामिल हैं। जी हां बता दें कि आरटीआई ने खुलासा किया है कि तीरथ सिंह रावत 2019-20 में अपनी सांसद निधि में से दिसम्बर 2020 मात्र 8% धनराशि ही खर्च कर पाए हैं। सांसद निधि की 92% निधि डंप पड़ी है। इतना ही नहीं इसमे हरिद्वार से सांसद एवं केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल इनसे काफी आगे हैं। जी हां खुलासा हुआ है कि केंद्रीय मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक तो एक पाई भी खर्च नहीं कर पाए हैं।

इन्होंने आरटीआई डालकर मांगी थी जानकारी

आपको बता दें कि काशीपुर निवासी कार्यकर्ता नदीमउद्दीन एडवोकेट आरटीआई डालकर ये जानकारी मांगी थी कि आखिर कितनी सांसद निधि सांसदों ने खर्च की है। जिससे बड़ा खुलासा हुआ। लोक सूचना अधिकारी/अपायुक्त (प्रशासन) हरगोविन्द भट्ट ने अपने पत्रांक सं0 3108 के साथ सांसद निधि खर्च के दिसम्बर 2020 तक विवरण उपलब्ध कराए । जिसके अनुसार दिसम्बर 2020 के अंत तक की उत्तराखंड के लोकसभा व राज्यसभा सांसदों के सांसद निधि खर्च का विवरण दिया गया है। उत्तराखंड के वर्तमान लोकसभा सांसदों को 2019-20 की ही सांसद निधि मिली है।

सीएम तीरथ सिंह रावत की सांसद निधि

आपको बता दें कि स्थिति ये है कि उत्तराखंड के सांसदों की 2021 के शुरुआत में 32.20 करोड़ की सांसद निधि खर्च होने को शेष है। इसमें 17.68 करोड़ की सांसद निधि लोकसभा सांसदों और 14.52 करोड़ की सांसद निधि राज्य सभा सांसदों की शामिल है। यह हाल तब है जब वर्ष 2020-21 व 2021-22 की सांसद निधि भारत सरकार से स्थगित किए जाने के कारण किसी सांसद को मिली ही नहीं है। पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत और वर्तमान में सीएम तीरथ सिंह रावत की वर्ष 2019-20 की सांसद निधि में से दिसम्बर 2020 तक केवल 8% धनराशि खर्च कर पाए हैं। जबकि हरिद्वार सांसद व केन्‍द्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियल निशंक तो एक भी पाई खर्च नहीं कर सके हैं।

अजय टम्टा ने खर्च की इतनी फीसदी निधि

अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा को ब्याज सहित 250.23 लाख की सांसद निधि स्वीकृति के लिए उपलब्ध हुई है। जिसमें से दिसम्बर 2020 तक 89 प्रतिशत 223.75 लाख की सांसद निधि खर्च हुई है। हरिद्वार सांसद व केन्द्रीय कैबिनेट मंत्री डा. रमेश पोखरियाल को 2019-20 में 250 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई है, जिसमें से कोई भी धनराशि खर्च नहीं हुई है। इतना ही नहीं इनके पिछले कार्यकाल की 10 प्रतिशत 71.25 लाख की धनराशि भी खर्च होने को शेष है। पौड़ी सांसद व वर्तमान मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत को 2019-20 की 250 लाख की सांसद निधि मिली है। जिसमें से केवल आठ प्रतिशत 20.25 लाख की धनराशि ही दिसम्बर 2020 तक खर्च हो सकी है।

राज्य सभा सांसद में प्रदीप टम्टा ने खर्च की इतने प्रतिशत निधि

टिहरी सांसद राजलक्ष्मी शाह को 2019-20 में 250 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई थी जिसमें से 77 प्रतिशत 192.46 लाख की धनराशि खर्च हो चुकी है। नैनीताल सांसद अजय भट्ट को ब्याज सहित 251.21 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई थी जिसमें से 61 प्रतिशत 152.61 लाख की सांसद निधि दिसम्बर 2020 तक खर्च हो सकी है। उत्तराखंड के राज्य सभा सांसदों में प्रदीप टम्टा को 2016-17 में 2019-20 तक ब्याज सहित 1513.11 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई थी जिसमें से 86 प्रतिशत 1302.30 लाख की सांसद निधि दिसम्बर 2020 तक खर्च हो चुकी है। पूर्व सांसद राजबब्बर को 2015-16 से 2019-20 तक ब्याज सहित 2286.61 लाख की सांसद निधि उपलब्ध हुई थी जिसमें से 91 प्रतिशत 2084.52 लाख की सांसद निधि खर्च हो चुकी है । राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी को 2018-19 की ब्याज सहित 504.22 लाख की सांसद निधि स्वीकृति के लिए उपलब्ध हुई है। जिसमें से 20 प्रतिशत 102.22 लाख की धनराशि ही दिसम्बर 2020 तक खर्च हो सकी है।

The post RTI में बड़ा खुलासा : उत्तराखंड के 'कंजूस' सांसद, CM तीरथ रावत से कई कदम आगे केंद्रीय मंत्री निशंक first appeared on Khabar Uttarakhand News.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top