देहरादून: देश के साथ ही उत्तराखंड में भी कोरोना का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। राज्य सरकार ने राज्य के 4 मैदानी जिलों में काॅलेज बंद करने के निर्देश जारी किए हैं, लेकिन परीक्षाओं को लेकर कोई साफ आदेश जारी नहीं किया गया। स्थिति यह है कि छात्रों को कोरोना के इस खतरनाक संक्रमणकाल में भी परीक्षा के लिए बुलाया जा रहा है। राज्य में कोरोना की दूसरी लहर काफी घातक साबित हो रही है। जितनी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। उतनी ही तेजी से मौत के मामले भी बढ़ने लगे हैं।

इसको देखते हुए कई प्रतियोगी परीक्षाओं समेत आज 10वीं की बोर्ड परीक्षा को पूरी तरह निरस्त कर दिया गया, जबकि 12वीं की बोर्ड परीक्षा को फिलहाल आगे के लिए टाल दिया गया है। लेकिन, बड़ा सवाल यह है कि क्या गढ़वाल यूनिवर्सिटी के लिए कोरोना का कोई खतरा नहीं है? परीक्षा में शामिल होने के लिए छात्र राज्य के साथ दूसरे राज्यों से भी आते हैं। ऐसे में कोरोना का खतरा और बढ़ जाता है। बावजूद सरकार इस पर कोई साफ आदेश जारी नहीं कर रही है।

एक ओर राज्य के उच्च शिक्षा राज्य मंत्री धन सिंह रावत का कहना है कि मैदानी जिलों में सभी उच्च शिक्षण संस्थानों को बंद करने के आदेश दिए गए हैं, लेकिन सवाल यह है कि क्यों मैदानी जिलों के ही स्टूडेंट को कोरोना का खतरा है? एक और बात यह है कि परीक्षाएं किसी भी यूनिवर्सिटी की एक साथ ही संपन्न होती हैं। परेशानी यह है कि सरकार की ओर से स्थिति साफ नहीं किए जाने के कारण छात्रों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कई स्टूडेंट परीक्षा में शामिल होने के लिए पहुंच भी गए हैं। लेकिन, उनको अब तक यह पता नहीं है कि उनकी परीक्षा होगी भी या नहीं?

The post गजब! इस कोरोना में भी जारी हैं गढ़वाल यूनिवर्सिटी के एग्जाम, छात्रों की नहीं चिंता first appeared on Khabar Uttarakhand News.





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