देहरादून : एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस द्वारा कोविड से जंग में नित नए अध्याय जोड़े जा रहे, जवान पूर्ण निष्ठा और समर्पण से मिशन हौसला को ऊर्जा दे रहे हैं। एक नए अभियान के तहत एसडीआरएफ उत्तराखंड पुलिस पर्वतीय जनपदों की सभी एसडीआरएफ पोस्टों के अपने के निकटम अति प्रभावित किसी एक बड़े गाँव को कोविड से सुरक्षा के लिए गोद लेगी उत्तराखंड पुलिस के मिशन हौसला के अंतर्गत इस अभियान को एसडीआरएफ का सुरक्षा कवच कहा जा रहा है।

बीते दिन रिद्धिम अग्रवाल पुलिस उपमहानिरीक्षक महोदय के दिशा निर्देशन एवमं नवनीत भुल्लर सेनानायक एसडीआरएफ के नेतृत्व में इस अभियान को वर्चुअल रूप से हरि झंडी दी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय जनपदों के वे गाँव जो जनसँख्या ओर क्षेत्रफल के साथ ही कोविड से अधिक प्रभावित है के नागरिकों को सहायता प्रदान करना है प्रथम कड़ी के रूप में राज्य आपदा प्रतिवादन बल एसडीआरएफ द्वारा 20 गावों जो गोद लिया जा रहा है।

मिशन की रूप रेखा के तहत प्रत्येक गाँव में SDRF के 2 जवान नियुक्त रहेंगे, जो ग्रामवासियों को कोविड से अवेर्नेश करने के साथ ही, जरूरतमंद को मास्क सेनेटाइज भी वितरित करेंगे, प्रतिदिन गाँव की रिपोर्ट कंट्रोल को प्रेषित करेंगे, जवानों के पास आवश्यकता होने पर आक्सीजन सिलेंडर विद फ्लोमीटर की भी सुविधा है, जवान कोविड से आइसोलेट हुए ग्रामीणों को घर से बाहर न आने की भी हिदायत देंगे साथ ही प्रतिदिन योगा प्राणायाम भी कराएंगे। एसडीआरएफ टीम को पर्याप्त कोविड मेडिसिन किट भी उपलब्ध करायी गयी है जो आवश्यक होने पर जरूरतमंद को प्रदान की जाएगी।

वर्तमान में कुमाऊँ मंडल से 06 एवमं गढ़वाल मंडल से 14 गावों* को चयनित किया गया है जिस क्रम में जनपद पिथौरागढ़ में ग्राम – खोलिया गॉंव, दौला गॉंव,/ बागेश्वर में ग्राम- ऐठाण गॉंव,/अल्मोड़ा में ग्राम – बलटा गॉंव, माठ,/चम्पावत में ग्राम- ज्ञानखेड़ा ,/रुद्रप्रयाग में ग्राम – रामपुर, कलना, जनपद /पौड़ी में ग्राम – गोदी दुगड्डा, सिरौ, स्वीत गॉंव, डूंगरी पंथ , /जनपद टिहरी , ग्राम – कुटठा ,/ जनपद उत्तरकाशी , ग्राम – गणेशपुर, नेताला, क्यार्का, नगाण गॉंव,/जनपद चमोली में ग्राम- रामणा, बोला, सीगधार, खडेधार सम्मलित है।

इस अभियान से पूर्व भी एसडीआरएफ द्वारा कोविड से प्रभावित जनमानस की हर सम्भव सहायता की जा रही है जिस क्रम में कोविड आएशोलेशन में रह रहे संक्रमितों और सम्भावना के तहत आइसोलेट हुए हजारो लोगों के लिए SDRF उत्तराखंड पुलिस का कंट्रोल रूम से लगातार संपर्क किया जाता है साथ ही कॉन्ट्रेक्ट ट्रेसिंग , आएशोलेशन पूछताज सेंटर, हाई रिस्क ओर लो रिस्क पूछताज सेंटर , होम टू होम मेडिकल किट वितरण जैसे हेल्पलाइन डेस्क तैयार किये गए हैं।

SDRF कंट्रोल रूम को प्रतिदिन ही हजारों की संख्या में आइसोलेट हुए और संक्रमित हुये व्यक्तियों की जानकारी प्राप्त होती है, जिसके पश्चात SDRF कंट्रोल रूम से सभी को व्यक्तिगत रूप से फोनकॉल की जाती है, ओर विशेषज्ञों द्वारा तैयार प्रश्नोतरी के पश्चात होम टू होम टीम द्वारा सम्बंधित पेशेंट को चाही गयी मदद पहुंचाई जाती है SDRF उत्तराखंड पुलिस द्वारा प्रतिदिन ही लगभग 5 हजार से अधिक कॉल आइसोलेट हुए व्यक्तियों को किये जा रहे हैं। इसके अतिरिक्त एक अन्य टीम हाई रिस्क ओर लो रिस्क आइसोलेट हुए व्यक्तियों की पहचान कर कोविड प्रसार की कड़ी को तोड़ने के प्रयास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है इसके अतिरिक्त SDRF द्वारा मैदानी जनपदों में होम तो होम कोविड मेडिसिन किट वितरण भी किया जा रहा है.

साथ ही कोविड संक्रमित लावारिस शवों एवम वे परिजन जो शव दाह संस्कार में सहायता चाह रहे है में भी sdrf द्वारा दाह संस्कार किया जा रहा है जिस हेतु जनपद स्तर में SDRF की टीमें नियुक्त की गई है।

The post उत्तराखंड : कोरोना काल में एसडीआरएफ ने लिया 20 गांवों को गोद first appeared on Khabar Uttarakhand News.





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