देहरादून: राज्य में कोरोना के मामले अब तेजी से कम होने लगे हैं। मामलों में भले ही तेजी से कमी आ रही हो, लेकिन अभी कोरोना का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। अब भी कोरोना के फिर से फैलने का खतरा बना हुआ है। इन खतरों के बीच प्रदेशभर में व्यापारी सरकार पर लगातार दुकानों को खोलने के समय और दिनों को बढ़ाने की मांग कर रहे हैं। सरकार को यह चेतवानी भी दी है कि अगर सरकार फैसला नहीं लेती है तो व्यापारी खुद ही दुकानें खोल देंगे। इस पर सरकार का कहना है कि सभी बातें उनके संज्ञान में है।

अब देखना यह होगा कि 31 मई को कोविड की समीक्षा के बाद सरकार क्या फैसला लेती है। माना जा रहा है कि सरकार 1 जून से कोविड कर्फ्यू में आंशिक ढील देने की संभावना है। सरकार दुकानों के खुलने के समय को बढ़ाकर और सप्ताह में एक से अधिक दिन खोले जाने का निर्णय ले सकती है। 31 मई को प्रदेश सरकार कोविड कर्फ्यू को आगे बढ़ाने का निर्णय लेगी। इसका राज्य को फायदा हुआ है। कोविड कर्फ्यू लागू होने के बाद प्रदेश में कोरोना संक्रमितों के मामलों में लगातार कमी आई है।

यह भी कहाः जा रहा है कि एक जून से कोविड कर्फ्यू में आंशिक ढील दी जा सकती है। यह ढील कंटेनमेंट जोन से बाहर दी जाएगी। यह रियायत परचून की दुकानों को खोलने के समय को बढ़ाने या सप्ताह में एक से अधिक दिन के लिए खोलने की अनुमति हो सकती है। दुकानों को खोलने के संबंध में व्यापारी वर्ग का भी सरकार पर लगातार दबाव बन रहा है। विपक्षी दल कांग्रेस ने भी कर्फ्यू में आंशिक रियायत दिए जाने की हिमायत की है।

जानकारों का मानना है कि कर्फ्यू कोरोना की चेन तोड़ने में कारगर साबित हुआ है। हालंकि अब भी स्थितियां पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। राज्य के 13 में से 12 जिलों में 387 कंटेनमेंट जोन हैं। कंटेनमेंट जोन मैदानी जिले देहरादून में 70 और पर्वतीय जिलों में उत्तरकाशी में 62 हैं। इसके अलावा टिहरी में 55, यूएसनगर में 45, हरिद्वार 29, चंपावत में 29, पिथौरागढ़ 10, पौड़ी में 17, चंपावत में 19, रुद्रप्रयाग 25, अल्मोड़ा 18 व नैनीताल में 8 कंटेनमेंट जोन हैं।

The post उत्तराखंड : कोविड कर्फ्यू पर ये फैसला ले सकती है सरकार, इनको मिलेगी राहत! first appeared on Khabar Uttarakhand News.





0 comments:

Post a Comment

See More

 
Top