बागेश्वर :उत्तराखंड आपदा प्रभावित राज्य है। मानसून की बारिश में राज्य को प्राकृतिक रुप से खासा नुकसान होता है। कहीं सड़क टूट जाती है तो कहीं पहाड़ चटकने से रास्ते बंद हो जाते हैं। कहीं पुल तक ढह जाते हैं। घटिया सड़क और पुलिस निर्माण के लिए सरकार कई अधिकारियों को सजा भी दे चुकी है। बीते दिनों ही शासन ने बड़ासी पुल मामले में तीन अधिकारियों को निलंबित किया था। वहीं एक बार फिर से ऐसा ही एक मामला सामने आया है जिसमे एक पुल बनने से पहले ही झुक गया।

मामला बागेश्वर जिला मुुुख्यालय में बागनाथ मन्दिर के समीप सरयू नदी में बन रहे निर्माणाधीन पुल का है जो की कुछ दिनों बाद ही सवालों के घेरे में है। बता दें कि अभी पुल का निर्माण पूरा भी नहीं हुआ था कि पुल का ढाँचा एक ओर झुक गया। आपको बता दें कि सरयू नदी पर ये पुल 3.16 करोड़ की लागत से बन रहा है। जो की बना भी नहीं है लेकिन एक ओर झक गया है जिससे कार्यदायी संस्था की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुल को देख बड़े खतरे की आशंका जताई जा रही है।

आपको बता दें कि 70 मीटर स्पान का यह पुल नुमाईशखेत के पास विकासभवन रोड पर जाकर मिलता है। उत्तरायणी मेले में नुमाईसखेत मैदान तक जाने के लिए लोगों को सरयू नदी का सामना करना पड़ता है जिसके लिए नगरपालिका हर साल एक लोहे का अस्थायी पुल तैयार करती है। जिसे मेला समाप्ती के बाद हटा दिया जाता है। काफी समय से लोग पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं।बता दें कि बागेश्वर विधायक ने लोगों की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए पुल का प्रस्ताव बनवाकर शासन को भेजा। प्रस्ताव पास होने के बाद पुल का निर्माण कार्य शुरू हुआ।कार्यदायी संस्था लोक निर्माण विभाग पुल बनाने का कार्य कर रही है। संस्था की लापरवाही से पुल तैयार होने से पहले ही एक ओर झुक गया है। वही ईई लोनिवि कैलाश चंद्र ने बताया कि बैरिंग फिट करते समय पुल एक छोर झुक गया है। पुल का मुआयना कर लिया गया है। चैन पुलिंग से झुके हिस्से को ठीक करने का कार्य किया जा रहा है।

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