सितारगंज : भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत सितारगंज के ग्राम लालफार्म में किसान सुखचैन सिंह के निवास पर पहुंचे. राकेश टिकैत ने स्वर्गीय सुखचैन सिंह के परिवार वालों से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। आपको बता दें कि 17 जून को किसान नेता सुखचैन सिंह की करंट लगने से मौत हो गई थी। राकेश टिकैत ने सुखचैन सिंह की परिवार से मिलकर उन्हें सांत्वना दी। साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि सुखचैन सिंह ने सितारगंज क्षेत्र के किसानों के लिए हक की लड़ाई लड़ी जिन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता।

जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा तब तक किसान अपने घर नहीं लौटेंगे-टिकैत

राकेश टिकैत ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि जब तक केंद्र की भाजपा सरकार तीन कृषि कानूनों को वापस नहीं लेती है जब तक किसान अपने घर नहीं लौटेंगे. साथ ही राकेश टिकैत ने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार को किसानों से बात कर इसका समाधान निकालना चाहिए। कहा कि संसद चलने पर विपक्ष से बात की गई है कि वह संसद में  किसानों को हक को लेकर आवाज उठाएं। साथ ही बताया कि यह भी रणनीति तैयार की गई है कि संसद के बाहर लगभग 200 किसान मौजूद रहेंगे। भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष राकेश टिकैत ने आंदोलन को देश के नौजवानों, किसानों मजदूरों, दुकानदारों का आंदोलन बताया. साथ ही इस आंदोलन को अनाज बेचने वाले और अनाज लेने वाले दोनों का जनआंदोलन बताया। वहीं राकेश टिकैत ने साफ तौर पर कहा कि किसान दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर जब तक कानूनों को वापस नहीं लिया जाएगा तब तक किसान अपने घर नहीं लौटेगा।

कृषि कानून बिल वापस न लेने पर इस दिन से आंदोलन की चेतावनी 

राकेश टिकैत ने भारत सरकार को 5 सितंबर तक का समय देते हुए कृषि कानून बिल वापस लेने की चेतावनी दी। राकेश टिकैत ने कहा कि 5 सितंबर के बाद फिर से किसान आंदोलन किया जाएगा। चुनाव चलेंगे वहां किसान जाकर केंद्र की भाजपा सरकार के बारे में जनता को बताएंगे। राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तराखंड के नवनियुक्त मुख्यमंत्री से उम्मीद है कि युवा मुख्यमंत्री होने के नाते राज्य के विकास के लिए ज्यादा से ज्यादा काम करेंगे. साथ ही सितारगंज की बंद पड़ी चीनी मिल को पुनः चालू करने की बात करते हुए उत्तराखंड में हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर टूरिज्म को लागू करने की बात कही. साथी उत्तराखंड की पहाड़ी क्षेत्र के किसानों को ट्रांसपोर्ट में सब्सिडी देने की उत्तराखंड की सरकार से मांग की ताकि उत्तराखंड के किसान को फायदा मिल सके.

पलायन को लेकर कही ये बात

राकेश टिकैत ने बॉर्डर एरिया के पहाड़ी क्षेत्र के निवासियों को एससी एसटी कैटेगरी में डालने की बात करते हुए कहा कि उससे पहाड़ का किसान जिंदा रह सकता है। साथ ही उत्तराखंड के पलायन को लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि उत्तराखंड का पलायन उत्तराखंड के लिए ही नहीं बल्कि पूरे देश के लिए चिंता का विषय है।

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