देहरादून : हिंदी सिनेता के दिग्गज अभिनेता दिलीप मुकार का आज निधन हो गया है। उन्हें पिछले महीने से ही सांस संबंधित समस्याएं बनी हुई थी। उन्हें मुंबई के हिंदुजा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहीं उन्होंने 98 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। दिलीप कुमार का उत्तराखंड खासकर घोड़ाखाल से खास संबंध था। आजादी के बाद फिल्म की शूटिंग के लिए नैनीताल आए थे।

ट्रेजडी किंग के नाम से मशहूर दिलीप कुमार 1958 में फिल्म मधुमति की शूटिंग के लिए घोड़ाखाल आए थे। शूटिंग के दौरान दिलीप कुमार करीब 6 हफ्ते तक यहां रहे थे। इस दौरान उन्होंने घोड़ाखाल स्थित चीड़ के जंगलों के बीच फिल्म के सुहाना सफर और यह मौसम हंसी… और दैंया रे दैंया चढ़ गयो पापी बिछुआ…जैसे शानदार गानों की शूटिंग यहीं की थीं।

लोगों में तब शूटिंग देखने का बड़ा उत्साह था। जानकार बताते हैं कि लोग नैनीताल, भीमताल और आसपास के क्षेत्रों से पैदल ही शूटिंग देखने के लिए घोड़ाखाल तक पहुंच जाते थे। दिलीप कुमार उन चोटी के कलाकारों में शामिल रहे, जिन्होंने बाॅलीवुड को नई पहचान दी और पूरी दुनिया में स्थापित करने में अहम भूमिका निभाई।

दिलीप कुमार के ट्विटर हैंडल से सुबह 8 बजे उनके निधन की जानकारी ट्वीट की गई। यह ट्वीट उनके पारिवारिक मित्र फैसल फारूकी की ओर से किया गया। दिलीप साहब ट्रेजेडी किंग के साथ ऑलराउंडर एक्टर भी कहे जाते थे। 25 साल की उम्र में वे देश के नंबर वन एक्टर के रूप में स्थापित हो गए थे।

दिलीप कुमार का असली नाम मोहम्मद युसूफ खान था। उनका जन्म 11 दिसंबर 1922 को हुआ था। बॉलीवुड में वे ट्रेजेडी किंग के नाम से मशहूर थे। दिलीप कुमार ने अपने एक्टिंग की शुरुआत 1944 में फिल्म ज्वार भाटा से की थी।

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