देहरादून : जैसे-जैसे 2022 के विधानसभा चुनाव का समय नजदीक आ रहा है, वैसे वैसे सत्ता पक्ष और अन्य पार्टियां एक दूसरे पर हमला करने से चूक नहीं रही है। बात करें कांग्रेस और बीजेपी की तो दोनों आए दिन एक दूसरे पर जुबानी हमला कर रहे हैं।

जनता के दिलों को जीतने और वोट पाने के लिए कांग्रेस-बीजेपी जहां एक ओर अपनी अपनी सरकार में किए गए विकास कार्यों और योजनाओं का खाका तैयार कर गिना रही है तो वहीं दूसरी ओर अन्य पार्टियां आप-यूकेडी उनकी सरकार के आने पर कई योजनाओं का लाभ लोगों को देने का दावा कर रही है।

एक तरफ कांग्रेस अपने कार्यकाल में किए गए काम और शुरु की योजनाओं का जनता के सामने बखान कर रही है तो वहीं भाजपा भी अब तक प्रदेश की जनता को दी गई कई सौगातों का मंच से बखान कर रही है और उपलब्धियां गिना रही है। लेकिन विकास कार्यों और उपलब्धियां गिनाने तक तो ठीक था और जुबानी हमला करने तक ठीक था लेकिन इसे अब  धर्म का रंग दिया जाने लगा है। दोनों पार्टियों की ये जंग विकास से लेकर धर्म पर आ कर अटक गई है।

पूर्व सीएम हरीश रावत की पोस्ट

पूर्व सीएम हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है जिसमे हरदा का दर्द छलका है। हरीश रावत ने पोस्ट के साथ कुछ तस्वीरें शेयर की हैं। हरदा ने पीएम मोदी, राजनाथ सिंह समेत भाजपा के कई दिग्गजों की फोटो शेयर की है।

हरीश रावत ने लिखा कि भाजपाई दोस्तों, नीचे के कुछ चित्र देखिये। दरगाह में गोल टोपी पहनने से हरीश रावत तो मौलाना हरीश रावत हो गये और घर-घर में आपने वो टोपी वाली मेरी तस्वीर पहुंचा दी। अब जरा मुझे बताइए क्या राजनाथ जी भी मौलाना राजनाथ सिंह हो गये हैं? अटल बिहारी वाजपी जी की एक पुरानी फोटो है, क्या इनको भी आप मौलाना अटल बिहारी वाजपेई कहना पसंद करेंगे? मोदी जी की भी एक फोटो है, आपके हिंदुत्व के आईकॉन की, क्या इनको भी आप उसी संबोधन से नवाजेंगे जो संबोधन आपने केवल-केवल मेरे लिए रिजर्व करके रखा है। हिम्मत है तो मेरे साथ इनको भी उसी नाम से पुकारिये।

The post हरदा का दर्द : हिम्मत है तो मेरे साथ इनको भी उसी नाम से पुकारिये, मौलाना राजनाथ सिंह और.... first appeared on Khabar Uttarakhand News.





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