उत्तरकाशी : गंगोत्री नेशनल पार्क की एक पर्वत चोटी की ऊंचाई नापने के लिए गए आर्मी के जवानों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब जवानों को वहां सालों पुराने शव के अवशेष मिले। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कहा जा रहा है कि 2005 में इसी चोटी की ऊंचाई नापने के लिए जो दल आया था, उन्हीं में से एक का शव हो सकता है क्योंकि उस वक्त कुछ पर्वतारोही लापता हो गए थे.

आपको बता दें कि राज्य में गढ़वाल अंचल में स्थित हिमालय रेंज के बीच गंगोत्री नेशनल पार्क की दूसरी सबसे ऊंची चोटी है सतोपंथ, जिसकी ऊंचाई 7075 मीटर मानी जाती है. यहां सेना का एक खोज दल आया हुआ था. उत्तरकाशी में भारतीय सेना के बेस के कुछ जवान खोज दल के दौरान इसलिए पहुंचे थे क्योंकि यह अभियान स्वर्णिम विजय वर्ष के उत्सव से जुड़े कार्यक्रम के तहत चलाया जा रहा था. इसी दौरान इन्हें एक पर्वतारोही का शव मिला. सेना के जवानों के दल ने शव के अवशेषों को कब्जे में लिया औऱ गुरुवार रात को गंगोत्री पुलिस को सौंपा।

2005 में सेना का एक जवान हुआ था यहां लापता

अभी तक शव की पहचान नहीं हो पाई है। लेकिन सेना के अफसर के हवाले से खबर में कहा गया कि  पर्वत चोटी की ऊंचाई नापने के लिए 12 सितंबर को एक खोजी दल रवाना हुआ था, जिसमें 25 जवान थे जिन्हें एक शव मिला. लगता है कि 2005 में सेना का ही जो एक दल चोटी को नापने के लिए गया था, यह शव उन्हीं में से किसी पर्वतारोही का हो सकता है. हालांकि अभी हम इसकी शिनाख्त नहीं कर सके हैं. फिलहाल शव पुलिस को सौंपा गया है.

उत्तरकाशी एसपी मणिकांत मिश्रा ने पुष्टि करते हुए बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। साथ ही डीएनए टेस्ट भी किया जाएगा। वहीं सेना का कहना है कि अगर इस बात की पुष्टि हो जाती है कि ये शव सेना के जवान का है तो पूरे सैन्य सम्मान के साथ पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार किया जाएगा।

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