हल्द्वानी: अक्सर गर्मी के दिनों में पेयजल संकट गहरा जाता है। इसकी मुख्य वजह गौला नदी का जल स्तर कम होना बताया जाता है। एक और बड़ा कारण जल स्रोत सूखना भी बताया जाता है। लेकिन, हल्द्वानी में पेयजल किल्लत होने की मुख्य वजह लीकेज है, जिसकी वजह से शहर में रोजाना लाखों लीटर पानी बर्बाद हो रहा है।

पिछले 1 साल में पेयजल विभाग ने हल्द्वानी में करीब 450 लीकेज को चिन्हित कर ठीक करने का काम किया। कई बड़े लीकेज औऱ हैं, जिनसे सैकड़ों लीटर पानी रिस-रिस कर बर्बाद हो रहा है। विभाग की मानें तो गर्मी के मौसम में इन लीकेज को ठीक नहीं किया जा सकता। क्योंकि इनको ठीक करने में आधे से ज्यादा शहर ब्रेक डाउन हो जाएगा।

लीकेज होने की मुख्य वजह सालों पुरानी पेयजल लाइनें हैं, जिनको बदला नहीं जा सका है, कई जगहों को चिन्हित भी किया गया है। हल्द्वानी में कई जगह पेयजल लाइन इतनी नीचे है की उनको तलाश कर रिपेयर करना बेहद मुश्किल है, जिसकी वजह से पेयजल लाइन में प्रेशर कम हो जाता है और पेयजल लाइन में पानी ना के बराबर जा पाता है।

अधिशासी अभियंता एसके श्रीवास्त ने बताया कि आम जनता मोटर का प्रयोग करने लगती है। हालांकि बड़ी लीकेज वाली जगहों को चिन्हित कर ठीक कर दिया है। बाकी छोटे लीकेज को चिन्हित करने का काम किया जा रहा है, इसके अलावा रकसिया नाले से गुजर रही पेयजल लाईनों को भी नुकसान पहुंचा है, जो काफी साल पुरानी भी हैं।

The post उत्तराखंड: ये 450 लीकेज बने थे दुश्मन, बर्बाद कर रहे थे लोगों के हिस्से का पानी first appeared on Khabar Uttarakhand News.





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