ऋषिकेश: पेड़ बचाने के लिए एक बुजुर्ग व्यक्ति धरने पर बैठ गए। राष्ट्रीय राजमार्ग के चौड़ीकरण के लिए ऋषिकेश में काटे जा रहे पुराने पेड़ों को बचाने के लिए उन्होंने गले में रस्सी बांधकर धरना शुरू कर दिया है। राष्ट्रीय राजमार्ग खंड और पुलिस उन्हें समझाने की कोशिश कर रही है। उनका कहना है कि पेड़ों को काटने के बजाय शिफ्ट किया जाना चाहिए।

सेवानिवृत्त बैंक कर्मी हेमंत गुप्ता हरिद्वार मार्ग पर पंजाब सिंध क्षेत्र इंटर कॉलेज के बाहर वर्षों पुराने पीपल के पेड़ के नीचे आकर बैठ गए। तब यहां नेशनल हाईवे की टीम पेड़ की लोपिंग करने के लिए पहुंच गई थी। उन्होंने लॉपिंग के लिए लाए गए रस्सों को अपने गले में डाल कर पेड़ के नीचे ही धरना शुरू कर दिया।

हेमंत गुप्ता का कहना था कि वह विकास के खिलाफ नहीं हैं, मगर पेड़ों को काटने के बजाय उन्हें बचाने की कोशिश की जानी चाहिए। उनका कहना था कि यह पेड़ 100 साल से भी अधिक उम्र के हैं, जिन्हें काटा जाना उचित नहीं है। उन्होंने इन पेड़ों को अन्यत्र शिफ्ट करने की मांग की। कहा कि वह पूर्व में ही वन विभाग को इस संबंध में प्रस्ताव दे चुके हैं।

उन्होंने कहा कि अगर पेड़ शिफ्ट किए जाते हैं तो वह स्वयं दस हजार रुपए प्रति पेड़ शिफ्टिंग के लिए देने को तैयार हैं। इसके साथ ही शिफ्ट किए गए पेड़ों के रखरखाव के लिए एक लाख रुपए की एफडी भी वह करने को तैयार हैं। इस दौरान राष्ट्रीय राजमार्ग के अभियंता सीपी सिंह ने मौके पर पहुंचकर हेमंत गुप्ता से वार्ता की। फिलहाल, कोई नतीजा नहीं निकल पाया है।

The post उत्तराखंड: पेड़ बचाने के लिए गले में रस्सी बांधकर धरने पर बैठे बुजुर्ग, ये है कारण first appeared on Khabar Uttarakhand News.





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